हे विधाता • हे प्रभु
भक्ति गीत • विधाता और प्रभु को समर्पित
॥ प्रभु शरण ॥
▶ विधाता की भक्ति • प्रभु की शरण
भक्ति-निवेदन
यह भक्ति गीत सृष्टि के विधाता और परम प्रभु के प्रति हृदय की पुकार है। समर्पण, श्रद्धा और कृतज्ञता के स्वर में डूबकर श्रवण करें।
“जो मनुष्य के लिए असंभव है — वही सृष्टि विधाता के लिए संभव है।” इसी विश्वास के साथ प्रभु शरण में आस्था रखें।
“हे विधाता! तेरी कृपा अनंत —
हे प्रभु! तेरी शरण ही जीवन का सार।
आस्था है तो रास्ता है।”
हे प्रभु! तेरी शरण ही जीवन का सार।
आस्था है तो रास्ता है।”
॥ जय विधाता • जय प्रभु ॥॥ जय सदगुरु सत्यनाथ ॥
