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वंदे मातरम् धाम भारत माता मंदिर

भारतीय संस्कृति व सभ्यता

राष्ट्र प्रेम की अमृत धारा

सर्व धर्म का एक ईमान
मिशन तिरंगा सबकी शान
मां भारती की पहचान
मानव मानव एक समान

❋ ❋ ❋

सनातन धर्म

राष्ट्र धर्म ही मानव धर्म है।

देश प्रेम से ओत-प्रोत रामराज की संकल्पना —

“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”
के आधार पर अटल, अभेद मानवता का साधना केंद्र
वंदे मातरम् धाम — शिव, भारत माता, बुद्ध

मानवता की महान विरासत

अमर सपूतों के बलिदान की गाथा की सजीवता का प्रेरणा व राष्ट्र प्रेमियों की सजगता की कार्यशाला एवं देशप्रेम का उद्गम स्थल।

मां भारती की महिमा व मानवता की महान विरासत — जहाँ हर पत्थर, हर कण भारतीय संस्कृति की कहानी कहता है।

“वसुधैव कुटुम्बकम्”
में समाहित — अनेकता में एकता का प्रतीक
॥ राष्ट्र धर्म ही सर्वोपरि धर्म है ॥

पावन स्थल

मां जगत जननी, मां भारती के उपासना व आराधना का पावन स्थल।

मां व मां भारती के अमर सपूतों की महिमा व प्रेरणा स्थली के रूप में स्थापित किया गया है — शांति, समृद्धि, प्रेम व एकता को अनवरत उद्वेलित करने की तपोस्थली व शक्ति पीठ।

❖ मुख्य मंदिर ❖


वंदे मातरम् धाम भारत माता मंदिर
बुलानाला, मैदागिन, वाराणसी
(काशी विश्वनाथ मंदिर के पास)

❖ प्रतिरूप मंदिर ❖


3021, वंदे मातरम् धाम भारत माता मंदिर
सीताराम बाजार, दिल्ली — 110006

जहां सुबह-शाम मां जगत जननी,
भगवान शिव व भगवान बुद्ध की आरती
अनवरत चलती आ रही है।

॥ ॐ ॥